[9:21PM, 9/22/2015] : Mere jism se meri rooh se ase juda na ho,
Kar mujhse tu sikwe gile par un khafa na ho,
Takleef, dard, pareshaniyan, mera naseeb hain,
Hai kyon sa mera wo marz jo tujhko pata na ho,
Is baat ka malal hai wo mujhse cheen gaya,
Mere dushmano ab kam se kam mujhe baddua na do,
Aakhir wo door ho gaya ae "Nafees" tujhse bhi,
Rab youn kare wo ab kisi or ka na ho
[9:21PM, 9/22/2015] : एक अजब सी दुनिया देखा करता था
दिन में भी मैं सपना देखा करता था
एक ख्यालाबाद था मेरे दिल में भी
खुद को मैं शहजादा देखा करता था
सब्ज़ परी का उड़नखटोला हर लम्हे
अपनी जानिब आता देखा करता था
उड़ जाता था रूप बदलकर चिड़ियों के
जंगल सेहरा दरिया देखा करता था
हीरे जैसा लगता था इक-इक कंकर
हर मिट्टी में सोना देखा करता था
कोई नहीं था प्यासा रेगिस्तानो में
हर सहरा में दरिया देखा करता था
हर जानिब हरियाली थी ख़ुशहाली थी
हर चेहरे को हँसता देखा करता था
बचपन के दिन कितने अच्छे होते हैं
सब कुछ ही मैं अच्छा देखा करता था
आँख खुली तो सारे मंज़र ग़ायब हैं "नफीस"
बंद आँखों से क्या-क्या देखा करता था|
[9:21PM, 9/22/2015] : हम पर दुःख का परबत टूटा तब हमने दो चार कहे
उस पे भला क्या बीती होगी जिसने शेर हजार कहे
हमें जरा वनवास काटना पड़ा अगर कुछ दिन तो क्या
उसकी सोचो जो जंगल को ही अपना घरबार कहे
सीधे-सच्चे लोगों के दम पर ही दुनिया चलती है
हम कैसे इस बात को माने कहने को संसार कहे
अपना अपना माल सजाये सब बाज़ार में आ बैठे
कोई इसे कहे मजबूरी कोई कारोबार कहे
लूटमार में सबका यारों एक बराबर हिस्सा है
कोई किसको चोर कहे तो किसको चौकीदार कहे
अब किसके आगे हम अपना दुखड़ा रोयें छोड़ो यार
एक बात को आख़िर कोई बोलो कितनी बार कहे
ढूंढ रहे हो गाँव गाँव में जाकर किस सच्चाई को
सच तो सिर्फ़ वही होता है जो दिल्ली दरबार कहे
ढोल पीटता फिरता था जो गली-गली में वादों का
इतना हाहाकार मचा है कुछ तो आख़िरकार कहे
लैला की उल्फत का सौदा नामुमकिन है दोस्त मगर
एक बार फिर तो दोहराना कितने थे दीनार कहे
जिसकी आँखों में ग़ैरत थी वे कब के बेनूर हुए
उसकी खुद्दारी क्या देखें जो खुद को खुद्दार कहे
शेर वही है शेर जो 'नफीस' लिखे खून या आँसू से
बाक़ी तो सब अल्लम-गल्लम कहे मगर बेकार कहे
-नफीस कासिमी
[9:21PM, 9/22/2015] : चीन के पास लंबी दिवार है
अमेरिका के पास बडी सत्ता हे
फिर भी सब लोग -हिदुस्तान- से डरते है
क्यूंकि हिदुस्तान के पास
"ख्वाजा गरीब नवाज" हे
人
.. ( ◎)_________人
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में क्यु तकदीर को रोऊ नीगाहे यार ही काफी है..
अरे यहा से लेकर महशर तक हमारा पीर ही काफी है...
[9:38PM, 9/22/2015] : आगे सफर था और पीछे हमसफर था..
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता,उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हमसफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते....
यूँ समँझ लो,
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"...
[9:38PM, 9/22/2015] : ख़ुशी एक ऐसा एहसास है,
जिसकी हर किसी को तलाश है.
गम एक ऐसा अनुभव है,
जो सबके पास है….
मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है,
जिसको खुद पर विश्वास है…!!
[9:40PM, 9/22/2015] : कुछ रिश्तें मेहँदी के रंग की तरह हाेते है,
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शुरूआत में चटख़ ,बाद में फिके पड जाते है..!!
[9:40PM, 9/22/2015] : वक्त के साथ सब बदल जाता है,
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पुराने ज़माने में जिसे ठेंगा कहते थे,वो आज like कहलाता है।
[9:40PM, 9/22/2015] : स्कूल मैं आखरी बैंच पर बढ़ना और उस का पहले बैंच पे से मूड मूड के देखना बहुत याद आता हैं...
[9:40PM, 9/22/2015] : मेरी आँखों के जादू से तुम अभी वाकिफ़ नही हो,
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हम उसे भी जीना सिखा देते है, जिसे मरने का शौक हो…..
[9:40PM, 9/22/2015] : पागल उसने कर दिया एक बार देखकर,
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मैँ कुछ भी ना कर सका लगातार देखकर.
[9:40PM, 9/22/2015] : मत पूछ कितनी मोहब्बत है मुझे उस से,
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बारिश की बूँद भी अगर उसे छु ले, तो दिल मैं आग लग जाती है…
[9:40PM, 9/22/2015] : मेने रब से कहा..
वो चला गया मुझे छोड़कर जाने क्या मज़बूरी थी..
रब ने कहा उसका कोई कसूर नहीं, मेने कहानी लिखी अधूरी थी..:☆♧
[9:40PM, 9/22/2015] : हसीनों का काफिला मस्जिद की ओर जा रहा था,
हमने बुला लिया।
हम तो बर्बाद हो चुके थे सनम,
ख़ुदा को बर्बाद होने से बचा लिया..
[9:40PM, 9/22/2015] : जहां से तेरा जी चाहे, वहाँ से मेरी जिंदगी को पढ़ ले…
पन्ना चाहे जो भी खुले हर पन्ने पर नाम
तेरा ही होगा!!!
[9:40PM, 9/22/2015] : अभी तो अच्छे लोगों का राज है दुनिया मै ...
जब कमिंनो कि बारी आयेगी तो बादशहा हम होंगे……!
[9:40PM, 9/22/2015] : गरीबो की बस्ती में जरा जाकर तो देखो,
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वहाँ बच्चे भुखे तो मिलेगें, मगर उदास नही..!!
[9:40PM, 9/22/2015] : प्यार ,एहसान ,नफरत ,दुश्मनी जो चाहो वो मुजसे करलो…
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आप की कसम वही दुगुना मीलेगा..!!
[9:40PM, 9/22/2015] : क्या करे बुरी आदत हे हमारी ,
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नर्क के दरवाजे के सामने खड़े होकर पाप करते हे !!
[9:40PM, 9/22/2015] : कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ, तो भी कोई बात नहीं,
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वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं, बाँट दिया करते है...
[9:40PM, 9/22/2015] : एक रात मैंने ख्वाबों में चखा था तेरे लबों को,
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आज भी जब चाय थोड़ी ज़्यादा मीठी होती है, मुझे अक्सर तेरी याद आती है...!!
[9:40PM, 9/22/2015] : बिन मांगे ही मिल जाती हैं मोहब्बत किसी को,
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कोई खाली हाथ रह जाता है हजारों दुआओं के बाद ..
[9:40PM, 9/22/2015] : नाम बदनाम होने की चिंता छोड़ दी मैंने
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अब जब गुनाह होगा तो मशहुर भी तो होंगे ।।
[9:40PM, 9/22/2015] : मिसाल-ए-शीशा हैं हम हमें संभाल कर रखना;
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तेरे हाथ से छूटे तो बिखर जाएंगे।
[9:40PM, 9/22/2015] : हमारे बाद भी नही आएगा तुम्हे चाहत का मज़ा,
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तुम सबसे कही फिरोगी हमे चाहो उसकी तरह !
[9:40PM, 9/22/2015] : इक शूबह लिखता हूं इक शाम लिखता हूँ
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हर रोज मेरे दो शेर तेरे नाम होते हैं ।।
[9:40PM, 9/22/2015] : कहीं तुम भी न बन जाना किरदार किसी किताब का,
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लोग बड़े शौक से पड़ते है कहानिया बेवफाओं की..
[9:40PM, 9/22/2015] : वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों….?
[9:40PM, 9/22/2015] : उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं है,
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ये दिल उसका है , अपना होता तो बात और होती...
[9:40PM, 9/22/2015] : ज़िद “मत किया करो” “मेरी दास्तान” सुनने की….
यारो….
मैं “हँस” कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे….
[9:40PM, 9/22/2015] : माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी,
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मुझ जिंदा को भूलकर तूने कहावतें बदल दी..
[9:49PM, 9/22/2015] : ख़ुशी एक ऐसा एहसास है,
जिसकी हर किसी को तलाश है.
गम एक ऐसा अनुभव है,
जो सबके पास है….
मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है,
जिसको खुद पर विश्वास है…!!
[9:49PM, 9/22/2015] : “एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले को ‘ज़िंदगी’ कहते हैं।”
[9:49PM, 9/22/2015] : सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा.. सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा.. नाजाने क्या बात थी उनमे और हममे, सारी मेहफिल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा..!!
[9:49PM, 9/22/2015] : कभी सोंचता हूँ उसकी नज़रों के सामने मेरी मौत हो,
और मुझे छूने का हक़ सिर्फ उसे ही ना हो ||
[9:49PM, 9/22/2015] : जरूरी नही की कुछ तोडने के लिए पत्थर ही मारा जाएे....!
लहजा बदल कर बोलने से भी बहुत कुछ टूट जाता है........
[9:49PM, 9/22/2015] : मुस्कराने के मकसद न ढूँढ...
वर्ना जिन्दगी यूँ ही कट जाएगी !
कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देख
तेरे साथ साथ जिन्दगी भी
मुस्कराएगी......
[9:49PM, 9/22/2015] : बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को क्यूकि
इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता..!!
[9:49PM, 9/22/2015] : रुठने का हक तो अपनो ने ही दिया ऐ दोस्त....
परायों के सामने तो मुस्कराना ही पडता है....
[9:49PM, 9/22/2015] : हमने जो पूछा कैसे रखें आपको अपने साथ
वो मुस्कुराकर बोले
दर्द बना कर रख लो
दर्द बहुत देर तक साथ रहता है
[9:49PM, 9/22/2015] : पैसे तो हम, जींदगीभर कमा लेंगे,
अभी तो, दिल जीतने कि, उमर हे हमारी..
[9:49PM, 9/22/2015] : जन्नत की महलों में हो महल आपका, ख्वाबो की वादी में हो शहर आपका, सितारो के आंगन में हो घर आपका, दुआ है सबसे खूबसूरत हो हर दिन आपका…
[9:49PM, 9/22/2015] : दर्द की भी अपनी एक अदा है
वो भी सहने वालों पर ही फिदा है।,,,,,
[9:49PM, 9/22/2015] : नम्बर डिलीट करने से दोस्ती खत्म नही हो जाती यारा,
दोस्ती खत्म करने के लिए जीगर को भी डिलीट करना पड़गा
[9:49PM, 9/22/2015] : डूबी है उंगलिया मेरी
मेरे ही लहू में
ये कांच के टुकडे पे भरोसे की सजा है
[9:49PM, 9/22/2015] : उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आयी,
हो जाए जिनसे मोहब्बत वो लोग कदर क्यों नहीं करते..
[10:03PM, 9/22/2015] : आवाज़ दे तो जन्नत से कौसर निकल पड़े......
नहरे फुरात खेमे के अंदर निकल पड़े......
ये सब्र का मक़ाम है वरना.....
वो हुसैन है.......
ऊँगली जहाँ लगा दे समंदर निकल पड़े।